पटना, 23 अगस्त 2026
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज चंपारण सत्याग्रह के सूत्रधार पंडित राजकुमार शुक्ल जी की 151वीं जयंती के अवसर पर बिहार विधान परिषद के एनेक्सी सभागार में आयोजित समारोह का दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत शुभारंभ किया। समारोह का आयोजन पंडित राजकुमार शुक्ल स्मृति संस्थान द्वारा किया गया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्मारिका ‘शुक्ल शौर्य’ का लोकार्पण किया। कला एवं संगीत के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए श्रीमती कल्पना पटवारी को ‘पंडित राजकुमार शुक्ल कला शिखर सम्मान’ से सम्मानित किया।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित राजकुमार शुक्ल जी की जयंती के अवसर पर राजकीय समारोह का आयोजन किया जाएगा। पंडित राजकुमार शुक्ल के योगदान और चंपारण सत्याग्रह के ऐतिहासिक महत्व से नई पीढ़ी को अवगत कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंडित राजकुमार शुक्ल के अथक प्रयासों से मोहनदास करमचंद गांधी बिहार की चंपारण की धरती पर आए और किसानों को अंग्रेजों के अत्याचार से मुक्ति दिलाने के लिए ऐतिहासिक सत्याग्रह का नेतृत्व किया। चंपारण सत्याग्रह ने देश के स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी और अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष राज्य में सामान्य से लगभग 30 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। राज्य सरकार ने किसानों के हित में कृषि कार्य के लिए सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के सपनों को पूरा करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘सहयोग कार्यक्रम’ सुशासन का प्रतीक है। इस कार्यक्रम के माध्यम से अब तक 6 लाख 42 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 96 प्रतिशत आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है। जनता और समाज के प्रति समर्पित सरकार का उद्देश्य सुशासन के माध्यम से आम लोगों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है। पिछले तीन दिनों में आयोजित रोजगार मेलों के माध्यम से 16 हजार लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब बिहार और झारखंड एक राज्य था, तब बिहार का बजट लगभग 6 हजार करोड़ रुपये हुआ करता था। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी और सुशील कुमार मोदी जी के वित्तीय प्रबंधन के कारण बिहार की अर्थव्यवस्था काफी सुदृढ़ हुई है। वर्ष 2024 में बिहार का बजट 3 लाख 47 हजार करोड़ रुपये था, जबकि झारखंड का बजट 1 लाख 39 हजार करोड़ रुपये ही था।
समारोह के दौरान पंडित राजकुमार शुक्ल स्मृति संस्थान की ओर से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं फूल-मालाओं से स्वागत किया गया।
इस अवसर पर बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, अन्य गणमान्य व्यक्ति, पंडित राजकुमार शुक्ल के परिजन, पंडित राजकुमार शुक्ल स्मृति संस्थान से जुड़े लोग उपस्थित थे।
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