पटना, 25 अगस्त 2026
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, बिदुपुर में ‘सात निश्चय-3’ के अंतर्गत ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ अभियान के तहत ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य बिहार के शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की समस्याओं, शिकायतों एवं सुझावों का प्रभावी एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने महाविद्यालय के प्रशासनिक-सह-शैक्षणिक भवन के फैकल्टी रूम में स्थापित सूचना-सहायता काउंटर का अवलोकन किया और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं जानकारियों के संबंध में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनकी समस्याएं, शिकायतें एवं सुझावों को सुना। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की जो भी समस्याएं हैं, उनका निष्पादन किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, वैशाली में इंटरनेट कनेक्टिविटी और निर्बाध बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि विद्यार्थियों के पठन-पाठन में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। जब तक सभी विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल की स्थायी व्यवस्था उपलब्ध नहीं हो जाती, तब तक अस्थायी तौर पर वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बिहार एक अनोखा राज्य है, जहां मात्र 10 रुपये में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कराई जा रही है। इंजीनियरिंग कॉलेजों में विद्यार्थियों को अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। विद्यार्थियों की आवश्यकताओं को पूरा किया जाएगा, ताकि उन्हें पढ़ाई में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। विद्यार्थियों के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इंजीनियरिंग कॉलेज कैंपस के आसपास प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोलने के लिए इस प्रकार स्थल का चयन किया जाए, जिससे विद्यार्थियों के साथ-साथ बाहरी लोग भी इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि बिहार के सभी इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक संस्थान एवं अंबेडकर छात्रावासों में जन औषधि केंद्र खोले जा सकें, यह सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है। ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर के माध्यम से छात्र-छात्राओं को अपनी समस्याएं सीधे संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखने का अवसर मिलेगा। सरकार का प्रयास है कि विद्यार्थियों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाना पड़े और उनकी समस्याओं का निर्धारित समय-सीमा में समाधान हो। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आने वाली शिकायतों का समय-सीमा के अंतर्गत अधिकतम 30 दिनों के भीतर अंतिम निराकरण सुनिश्चित किया जाए तथा शिकायतों के निस्तारण की प्रभावी निगरानी की जाए। विद्यार्थियों के सुझाव सरकार के लिए महत्वपूर्ण हैं और इससे नीतियां बनाने में भी सहूलियत मिलेगी। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं द्वारा बनाए जा रहे विभिन्न प्रोजेक्ट्स में नए और उपयोगी इनोवेशन को स्टार्टअप से जोड़ा जाएगा। विद्यार्थियों को नए विचारों और नवाचार के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक माह के चौथे मंगलवार को शिक्षण संस्थानों में ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में शैक्षणिक व्यवस्था, परीक्षा, छात्रावास, पेयजल, शौचालय, कैंटीन सहित विद्यार्थियों से जुड़ी अन्य समस्याओं एवं सुविधाओं के संबंध में शिकायतों और सुझावों की सुनवाई की जाएगी। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए ‘विद्यार्थी सहयोग पोर्टल’ के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत एवं सुझाव दर्ज करने की व्यवस्था की गई है। हेल्पलाइन नंबर 1100 के माध्यम से भी यह सुविधा उपलब्ध होगी। विद्यार्थी ऑनलाइन अपनी शिकायत की स्थिति की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय वैशाली के प्रशासनिक-सह-शैक्षणिक भवन के भूतल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उद्योग विभाग, वैशाली तथा जिला निबंधन-सह-परामर्श केंद्र, वैशाली द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। इसके बाद उन्होंने भवन के तृतीय तल पर पहुंचकर क्लास रूम, म्यूजिक रूम, सेमिनार हॉल, स्टार्टअप सेल, एंटरप्रेन्योरशिप सेल एवं विभिन्न प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया और छात्र-छात्राओं से बातचीत की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री सह वैशाली जिला के प्रभारी मंत्री निशांत कुमार, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री शीला कुमारी, पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष सह विधायक उमेश सिंह कुशवाहा, विधायक सिद्धार्थ पटेल, विधायक संजय कुमार सिंह, अन्य जनप्रतिनिधगण, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव हिमांशु शर्मा, तिरहुत प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक चंदन कुशवाहा, वैशाली जिला की जिलाधिकारी वर्षा सिंह, वैशाली जिला के पुलिस अधीक्षक शुभांक मिश्रा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
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