पटना 12 सितम्बर 2026

बिहार में नए एवं युवा अधिवक्ताओं को प्रति माह स्टाइपेंड देने के राज्य सरकार के महत्वपूर्ण फैसले का जद (यू) विधि प्रकोष्ठ के पूर्व अध्यक्ष एवं पटना हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता डा0 आनंद कुमार ने स्वागत किया और इसके लिए मुख्यमंत्री सम्राट चैधरी के साथ-साथ पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के प्रति विशेष तौर पर आभार जताया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के इस महत्वपूर्ण निर्णय के तहत 1 जनवरी 2024 के बाद बिहार स्टेट बार काउंसिल में निबंधित सभी युवा अधिवक्ताओं को अगले तीन वर्षों तक प्रतिमाह पांच हजार रुपये का स्टाइपेंड दिया जाएगा। सरकार के इस फैसले से राज्यभर के युवा अधिवक्ताओं में उत्साह एवं खुशी का माहौल है।

डा0 आनंद कुमार ने बताया कि बिहार के विभिन्न न्यायालयों में प्रैक्टिस कर रहे अधिवक्ताओं के लिए जदयू विधि प्रकोष्ठ की ओर से दौरा कर उन्होंने 2025 में विधानसभा चुनाव से पूर्व तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी को अधिवक्ताओं की समस्याओं और उनकी मांगों से अवगत कराया था। उन मांगों पर सम्यक् विचार के उपरांत उनकी अध्यक्षता में कैबिनेट ने नए अधिवक्ताओं को प्रतिमाह 5000 का स्टाइपेंड, प्रत्येक जिला न्यायालय में महिलाओं के लिए पिंक शौचालय, गंभीर बीमारी में अधिवक्ता का मुफ्त इलाज, अधिवक्ता कल्याण ट्रस्ट के माध्यम से वकीलों के निधन पर एकमुश्त राशि, प्रत्येक न्यायालय में ई-लाईब्रेरी की स्थापना का प्रस्ताव पास करने का ऐतिहासिक कार्य किया था।

डा0 आनंद कुमार ने कहा कि नीतीश कैबिनेट द्वारा पारित घोषणाओं को सम्राट सरकार ने मूर्तरूप देने का काम किया है। इसके लिए मुख्यमंत्री सम्राट चैधरी जी एवं वर्तमान महाधिवक्ता एस.डी. संजय जी को मैं बधाई और साधुवाद देता हूँ। डा0 आनंद कुमार ने नए अधिवक्ताओं की मांगों का समर्थन करने के लिए जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उपनेता ललन सर्राफ एवं पूर्व महाधिवक्ता पीके शाही का भी आभार जताया।

साथ ही, डा0 आनंद कुमार ने इस मौके पर राज्य सरकार द्वारा एएजी, जीपी, जीए एवं एससी पदों पर किए गए मनोनयन को लेकर भी मौजूदा एनडीए सरकार को धन्यवाद दिया।

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