गया जी, 23 सितंबर 2026
पितृपक्ष मेला 2026 में इस बार परंपरा के साथ टेक्नोलॉजी का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर जिला प्रशासन ने देश-विदेश से आने वाले लाखों पिंडदानी श्रद्धालुओं के लिए विशेष और हाई-टेक व्यवस्थाएं की हैं।

बिछड़ने से बचाएगा QR Code वाला Wrist Band
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए इस बार प्रशासन ने QR Code युक्त Wrist Band की व्यवस्था की है। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को यह बैंड पहनाया जाएगा। इस बैंड में परिजनों का मोबाइल नंबर और जरूरी विवरण दर्ज रहेगा। बिछड़ने की स्थिति में QR कोड स्कैन करते ही परिजनों के मोबाइल पर तुरंत अलर्ट मैसेज पहुंचेगा और श्रद्धालु को परिजनों से मिलाया जा सकेगा।

भाषा की बाधा होगी खत्म, AI रखेगा भीड़ पर नजर
विदेशी श्रद्धालुओं के लिए हेल्प डेस्क पर गूगल ट्रांसलेटर सिस्टम लगाया गया है। अब श्रद्धालु अपनी भाषा में सवाल पूछ सकेंगे और हिंदी में दिए गए जवाब को अपनी भाषा में सुन सकेंगे।वहीं, मेले में कानून-व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन के लिए AI और CCTV कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। कहीं भी भीड़ बढ़ने पर अधिकारियों को लोकेशन के साथ अलर्ट मिलेगा। गुमशुदा व्यक्ति का चेहरा कैमरे में डालते ही AI उसकी लोकेशन ट्रेस कर लेगा।
श्रद्धालुओं के लिए बड़े पैमाने पर सुविधाएं
- प्रतिदिन 75,348 लोगों के लिए निःशुल्क आवासन की व्यवस्था।
- 943 शौचालय, 134 स्नानागार और 74 चेंजिंग रूम तैयार।
- पेयजल के लिए 280 चापाकल और 890 नल, पानी की गुणवत्ता की रोजाना PHED लैब में जांच।
- 70 स्वास्थ्य शिविरों में 125 डॉक्टर और 178 पैरामेडिकल कर्मी तैनात, IMA द्वारा निःशुल्क प्राथमिक उपचार।
- आवागमन के लिए 150 निःशुल्क ई-रिक्शा और विशेष परिवहन व्यवस्था।
- मात्र 30 रुपये में जीविका दीदियों की रसोई में उच्च गुणवत्ता वाला सात्विक भोजन।
गया का ‘कायाकल्प
पितृपक्ष मेले से पहले गया शहर में ‘कायाकल्प’ अभियान चलाया जा रहा है। इसमें स्कूली बच्चों ने अहम भूमिका निभाई है और शहर की दीवारों पर भगवान विष्णु से जुड़ी सुंदर कलाकृतियां बना रहे हैं।
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