पटना, 30 सितंबर 2026
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय केंद्र पटना में हिंदी पखवाड़ा के अंतर्गत “सरकारी एवं प्रशासनिक कार्यों में हिंदी भाषा की भूमिका” विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन 30.09.2026 को किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यालयीन एवं प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के प्रभावी प्रयोग को प्रोत्साहित करना तथा राजभाषा के प्रति जागरूकता को सुदृढ़ करना था।

कार्यक्रम में क्षेत्रीय केंद्र पटना के वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक डॉ. ई. कृष्ण राव, क्षेत्रीय निदेशक डॉ. आसिफ इकबाल, उप कुलसचिव ओझा जयप्रकाश, सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ. नीलू शर्मा सहित क्षेत्रीय केंद्र के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक डॉ. ई. कृष्ण राव ने हिंदी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भाषा किसी भी संस्था और समाज के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि हिंदी का प्रयोग कार्यों को अधिक सहज और जनसुलभ बनाने के साथ-साथ कार्यालयीन संप्रेषण को भी प्रभावी बनाता है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से हिंदी के प्रयोग को अपने दैनिक कार्यों का स्वाभाविक हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

क्षेत्रीय निदेशक डॉ. आसिफ इकबाल ने हिंदी पखवाड़ा के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि हिंदी हमारी समृद्ध भाषायी एवं सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग को निरंतर बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।
उप कुलसचिव ओझा जयप्रकाश ने “सरकारी एवं प्रशासनिक कार्यों में हिंदी भाषा की भूमिका” विषय पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में सरल, सहज और प्रभावी हिंदी के प्रयोग की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कार्यालयीन कार्यों में हिंदी का प्रयोग केवल भाषा संबंधी दायित्व नहीं, बल्कि आमजन के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम भी है। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने दैनिक कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के लिए प्रेरित किया।

सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ. नीलू शर्मा ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए हिंदी भाषा के महत्व तथा प्रशासनिक कार्यों में इसके प्रभावी प्रयोग पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिंदी पखवाड़ा केवल एक आयोजन तक सीमित न रहकर दैनिक कार्यालयीन व्यवहार में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने का माध्यम बनना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षार्थियों, अकादमिक काउंसलर्स एवं कर्मचारियों ने विषय पर अपने विचार साझा किए और हिंदी के प्रयोग से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा में सहभागिता की। प्रतिभागियों ने प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्यों में सरल और सहज हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
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