पटना,24 अक्टूबर 2026

जद (यू) राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने जारी बयान में कहा कि नीतीश कुमार की नीतियों एवं उनके सिद्धांतों को लेकर आगे बढ़ रहे स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार पार्टी के भविष्य हैं। उन्होंने कहा कि निशांत कुमार में नीतीश कुमार की ही तरह जन कल्याण की भावना कूट कूट कर भरी है और 13 करोड़ बिहारवासियों का कल्याण कैसे हो इसको लेकर निशांत कुमार हमेशा गंभीर रहते हैं।

अपनी समाधान यात्रा के दौरान कई जिलों में जिस तरह निशांत कुमार को देखने एवं सुनने को भीड़ उमड़ी वो ये साफ दर्शाता है कि निशांत कुमार को जद (यू) के सर्वमान्य नेता के तौर पर जनता ने स्वीकार किया और नीतीश कुमार की तरह ही उनपर भरोसा जताने का काम किया है। यात्रा के दौरान जगह फूल वर्षा और लोगों का अपनत्व ये बताने के लिए काफी है कि निशांत कुमार लोगों के दिलों में बसते हैं और राज्य की जनता उनपर भरोसा करती है।

7 मई 2026 को बिहार के स्वास्थ्य मंत्री के तौर पर शपथ लेने के बाद से ही निशांत कुमार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में परिवर्तन लाने को लेकर कई क्रांतिकारी फैसले लिए। खासकर गरीब मरीजों के हितों का ध्यान रखते हुए उन्होंने जिला अस्पतालों, प्रखंड अस्पतालों से अनावश्यक तौर पर मरीजों को बड़े शहरों में रेफर करने की व्यवस्था को खत्म करने का काम किया। इसका परिणाम ये हुआ कि अब कम खर्च पर ही मरीजों को जिला अस्पतालों में सर्जरी की सुविधा उपलब्ध हो पा रही है और उन्हें गुणवत्तापूर्ण इलाज की सुविधा मिल रही है।

गरीबों के सच्चे हमदर्द के तौर पर उन्होंने मरीजों की तकलीफों को समझा और अस्पतालों में सर्जरी की लंबी लाइन को खत्म करने को लेकर उन्होंने बड़े फैसले लिए। इसके तहत दूसरे अस्पतालों में प्रतीक्षारत मरीजों को पटना के आईजीआईएमएस, एम्स, मेदांता जैसे उच्चस्तरीय अस्पतालों में आॅपरेशन कराने की सुविधा मिल सकेगी। जिससे गंभीर रोगों के आॅपरेशन के लिए मरीजों को बेवजह इंतजार करने से छुटकारा मिलेगा।

अस्पतालों में स्वास्थ्य कर्मियों की कमी को दूर करने का काम किया किया गया और बड़े पैमाने पर भर्तियां की गई हैं जिससे अब अस्पतालों में कुशल कर्मियों की तादाद में बढोतरी हुई है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की पहल पर कमांड एवं कंट्रोल सेंटर की स्थापना की गई है जिससे मरीजों एवं अस्पतालों की रियल टाइम स्थिति का पता लगाने में बेहद आसानी हुई है।अस्पतालों में गरीब मरीजों के लिए मुफ्त दवाईयों का इंतजाम किया जा रहा है।

निशांत कुमार ने मरीजों को अस्पतालों में कुल 504 तरह की मुफ्त दवाईयां उपलब्ध कराने का संकल्प जाहिर किया है और वर्तमान समय में 350 तरह की दवाईयां मरीजों को मुफ्त उपलब्ध करायी जा रही हैं और आने वाले समय में मरीजों को 504 तरह की दवाईयां उपलब्ध कराने पर काम किया जा रहा है।

बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को डिजिटल और तकनीक आधारित बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ‘भव्या’ यानी ‘बिहार हेल्थ एप्लीकेशन विजिनरी योजना’ के माध्यम से राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों को एकीकृत करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की रियल-टाइम माॅनिटरिंग की व्यवस्था विकसित की जा रही है। इसके तहत अस्पतालों में उपलब्ध बेड, डाॅक्टरों की उपस्थिति और अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को आधुनिक साॅफ्टवेयर एवं एआई आधारित तकनीक के माध्यम से ट्रैक किए जा सकेंगे।

निशांत कुमार का एक ही मकसद है कि बिहार के लोगों ससमय एवं गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके और इसको लेकर उन्होंने कई अहम फैसले लिए हैं। एक जननेता के तौर पर उन्होंने महज छह महीनों में ही स्वास्थ्य व्यवस्था में जो बदलाव लाने का काम किया है वो बेमिसाल है।

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