पटना 10 अक्टूबर 2024
नागाबाबा ठाकुरवाड़ी में 10 दिवसीय रामलीला के मंचन के आठवें दिन के रामलीला महोत्सव का उद्घाटन ऋतुराज सिन्हा, बिहार चैम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष सुभाष पटवारी, दशहरा कमिटी के अध्यक्ष अरुण कुमार, चेयरमैन कमल नोपनी, संयोजक मुकेश नंदन, सह संयोजक राकेश कुमार एवं अन्य ने किया। इसके बाद आरती हुई। आज के रामलीला मंचन में कई महत्वपूर्ण घटनाओं का जीवंत चित्रण किया गया।

नागाबाबा ठाकुरवाड़ी में 10 दिवसीय रामलीला के आठवें दिन सूर्पनखा की नाक कटी, सीता हरण और शबरी मिलन का भावनात्मक मंचन किया गया। रामलीला में सूर्पनखा की नाक कटी का मंचन किया गया जिसे दर्शकों ने बहुत उत्साह के साथ मंचन का आनंद लिया। पंचवटी में जब रावण की बहन सूर्पनखा वहां पहुंचती है। राम के रूप को देखकर वह मोहित हो जाती है और विवाह का प्रस्ताव रखती है। राम अपनी विवाहित होने की बात बताने पर सूर्पनखा क्रोधित होकर सीता को अपनी शादी में बाधा मानकर लक्ष्मण पर झपटती है। लक्ष्मण उसे सजा देते हुए उसकी नाक काट देते हैं।

नाक कटने के बाद सूर्पनखा खर-दूषण के पास जाकर राम और लक्ष्मण का दुर्व्यवहार बताती है। इस पर रावण मारीच को माया मृग बनाकर साधु का रूप धारण कर सीता का हरण करने के लिए भेजता है। अनिष्ट की आशंका से राम और लक्ष्मण जब पंचवटी लौटते हैं तो सीता गायब मिलती है, जिससे राम और लक्ष्मण करुण विलाप करते हैं। सीता की खोज में भटकते राम, सीता का पता पूछते हुए जटायु से मिलते हैं। जटायु रावण से युद्ध करता है, लेकिन परास्त होकर राम को सीता का पूरा वृतांत बताता है। राम उसे अपने धाम भेजकर मुक्ति प्रदान करते है। इस धार्मिक आयोजन ने दर्शकों के हृदय में अपनी एक छाप छोड़ी है।

एम पी जैन ने बताया कि आज के आयोजन में सह संयोजक राकेश कुमार, रामलीला संयोजक प्रिंस कुमार राजू, रामलीला सह संयोजक आशु गुप्ता, कोषाध्यक्ष पवन कुमार, सुजय सौरभ, सुषमा साहू, , सुशील बजाज, प्रो० नवल किशोर, मनीष कुमार, संजय राय, महासचिव राकेशचंद्र मल्होत्रा, अरुण कुमार गुप्ता,राजेश बजाज, संजय वर्णवाल, आर्य नन्दन, धर्मराज केशरी, शम्भु बाबा, प्रेम कुमार ,अमित शिवम्…सहित सैकडो की संख्या रामभक्त उपस्थित रहे।