पटना 12 सितम्बर 2026
बिहार जद (यू0) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने शनिवार को बयान जारी कर कहा कि 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में बिहारी व्यंजन और मिथिला की लोक परंपरा को अंतरराष्ट्रीय मंच मिलना 14 करोड़ राज्यवासियों के लिए अत्यंत गौरव और हर्ष का विषय है। साथ ही यह बिहार की संस्कृति, परंपरा और स्थानीय उत्पादों की तेजी से बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि मा0 श्री नीतीश कुमार ने ‘देश की हर थाली में बिहारी व्यंजन’ का जो संकल्प लिया था, वह आज अंतरराष्ट्रीय स्वरूप में सामने आ रहा है। विदेशी मेहमानों को दिए गए वेलकम किट में बिहार का देसी सत्तू और सुपर फूड मखाना शामिल किया गया है।

नीतीश कुमार के प्रयासों से बिहार के मखाना को जीआई टैग प्राप्त हुआ, जिससे इसकी विशिष्ट पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिली है। पिछले दो दशकों में नीतीश कुमार के प्रयासों से मखाना की खेती का दायरा बढ़कर 35 हजार हेक्टेयर से अधिक हो गया है, जबकि इसका उत्पादन दोगुने से अधिक बढ़कर 56 हजार टन के पार पहुंच गया है। बिहार का मखाना अब वैश्विक ब्रांड बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय एवं हस्तकला अकादमी में लगी ‘मिथिला की लोक परंपरा प्रदर्शनी’ विदेशी मेहमानों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। 20 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने मिथिला की लोक परंपरा से जुड़ी इस प्रदर्शनी का अवलोकन कर बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक जीवनशैली की जमकर सराहना कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि एक समय था जब लोग देश-दुनिया में बिहारी होने की पहचान बताने से झिझकते थे, लेकिन आज वही बिहारी पहचान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी नई छाप छोड़ रही है। यह बदलते बिहार की नई तस्वीर और उसकी बढ़ती प्रतिष्ठा का जीवंत उदाहरण है।
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