पटना 19 फरवरी 2025

जद (यू0) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन पर्साद ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बयान पर तीखा हमला बोला और कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के शासन के दौरान बदहाल हुए बिहार को संवारने का काम किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सवाल उठाने से पहले नेता प्रतिपक्ष को उनके माता-पिता के शासनकाल के दौरान बिहार में जंगलराज को लेकर सवाल पूछना चाहिए।

पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दूरदर्शी सोच के चलते आज बिहार विकास के कई पैमानों पर देशभर में पहले पायदान पर है और राज्य में विकास की नई धारा बह रही है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को लालू प्रसाद यादव के नौकरी के बदले जमीन लिखवाने की बात को याद कर पूछना चाहिए कि कैसे उन्होंने नौकरी देने के बहाने लोगों से जमीनें लिखवाईं यहां तक कि अपने परिवार के लोगों को भी नहीं बख्श और उनसे भी जमीनें लिखवाई। जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शासन में उनके बड़े भाई की पुत्रवधू को कार्यालय सहायक की नौकरी मिली लेकिन उसके बदले उनसे कोई जमीन नहीं लिखवाई गई।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कृपा से 17 महीनों तक राजनीतिक रोजगार पाए नेता प्रतिपक्ष बिहार में युवाओं को नौकरियां देने का फर्जी दावा कर रहे हैं जबिक हकीकत ये है कि तत्कालीन महागठबंधन सरकार में शिक्षा विभाग संभाल रहे उन्हीं की पार्टी के कोटे के मंत्री महीनों तक अपने विभाग नहीं जाते थे। सच्चाई ये है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सात निश्चय योजना दो के तहत राज्य में लाखों की तादाद में युवाओं को सरकारी नौकरी देने का काम किया है और अभी तक कुल 9 लाख 6 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी देने काम पूरा कर लिया गया है और आगामी विधानसभा चुनाव से पहले 10 लाख सरकारी नौकरी के वादे से अधिक 12 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का काम पूरा कर लिया जाएगा जबकि 24 लाख रोजगार मुहैया कराने के वादे से अधिक 34 लाख लोगों को रोजगार देने का काम पूरा कर लिया जाएगा।

तेजस्वी यादव को नसीहत देते हुए उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता के शासनकाल के दौरान बिहार में कानून व्यवस्था का क्या हाल था उसके बारे में जरा उन्हें जानकारी ले लेनी चाहिए। उस दौर में बिहार में सैंकडों नरसंहार हुए सैकड़ों लोगों की जानें गई, लोगों को घरों से निकलना तक मुश्किल था लेकिन आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शासनकाल में लोग सुकून की जिंदगी जी रहे हैं। आज कोई अपराधी अगर अपराध करता है तो वो कानून के शिकंजे में होता है और उसके किए अपराधों की सजा उसे मिलती है। तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें अपने पिता से पूछना चाहिए कि कैसे उस दौर में मुख्यमंत्री आवास से फिरौती की रकम की डील होती थी और लाखों-करोड़ों का वारा न्यारा होता था।
पार्टी राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री पिछले 23 दिसंबर की कडकड़ाती ठंड के दौरान से ही राज्य भर की प्रगति यात्रा पर हैं और और पूरी ऊर्जा से बिहारवासियों की सेवा में लगे हैं। इसलिए नेता प्रतिपक्ष को उनकी ऊर्जा पर सवाल उठाने से पहले अपने मानसिक ऊर्जा की जांच करानी चाहिए और खुद से सवाल पूछना चाहिए कि आखिर लाख छटपटाहट के बाद भी क्यों बिहार की जनता आरजेडी के बहकावे में नहीं आना चाहती है।

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