19 जुलाई 2026, पटना

जद (यू0) प्रदेश प्रवक्ता पूजा पैट्रिक एवं प्रदेश प्रवक्ता चंदन कुमार सिंह ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि बिहार में अपराध को लेकर फर्जी एवं भ्रामक आंकड़े प्रस्तुत कर जनता को गुमराह करने का विपक्ष का प्रयास पूरी तरह विफल हो गया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष कुछ चुनिंदा घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर यह भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है कि राज्य में अपराध लगातार बढ़ रहा है, जबकि आधिकारिक आंकड़े इसके बिल्कुल विपरीत तस्वीर पेश करते हैं।

उन्होंने पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य में पिछले कुछ वर्षों के दौरान हत्या के मामलों में लगातार कमी दर्ज की गई है। ऐसे में यह दावा करना कि बिहार में हत्या की घटनाएं बढ़ रही हैं, पूरी तरह तथ्यहीन और जनता को भ्रमित करने वाला है। उन्होंने कहा कि राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो (एससीआरबी) के उपलब्ध आंकड़े स्पष्ट रूप से बताते हैं कि वर्ष 2023, 2024 और 2025 में हत्या के मामलों में निरंतर गिरावट आई है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2003, 2004 और 2005 में बिहार में प्रतिवर्ष हत्या के मामलों की संख्या 3,000 से अधिक हुआ करती थी। इसके मुकाबले वर्ष 2023 में 2,863 वर्ष 2024 में 2,786 तथा वर्ष 2025 में 2,554 हत्या के मामले दर्ज किए गए। वहीं वर्ष 2026 में मई तक 988 हत्या के मामले दर्ज हुए हैं। पुलिस मुख्यालय के अनुमान के अनुसार वर्ष 2026 के अंत तक हत्या के मामलों की संख्या लगभग 2,370 रहने की संभावना है, जो पिछले वर्षों की तुलना में और कम होगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की अपराध नियंत्रण नीति, पुलिस की त्वरित कार्रवाई और आधुनिक अनुसंधान प्रणाली के कारण महत्वपूर्ण आपराधिक घटनाओं में 24 से 48 घंटे के भीतर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है तथा आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित हो रही है। इससे स्पष्ट है कि सरकार अपराध नियंत्रण के प्रति पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।

उन्होंने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए अपराध जैसे संवेदनशील विषय पर जनता के बीच कोई भी जानकारी साझा करने से पहले आधिकारिक तथ्यों और प्रमाणिक आंकड़ों का अध्ययन करना चाहिए। बिहार की जनता अब तथ्य और दुष्प्रचार के बीच का अंतर भली-भांति समझती है और झूठ की राजनीति को स्वीकार करने वाली नहीं है।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published.