नई दिल्ली 16 अगस्त 2026

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया और 2047 तक “विकसित भारत” की दिशा में भारत की यात्रा में खेल और युवाओं की महत्‍वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।

PM addressing the Nation on the occasion of 80th Independence Day celebrations at Red Fort, in Delhi on August 15, 2026.

प्रधानमंत्री ने खेल जगत में हुई प्रगति की ओर इशारा करते हुए कहा, “टॉप्‍स योजना बहुत सफल हुई है। भारत – खेलो इंडिया गेम्स, यूनिवर्सिटी गेम्स, विंटर गेम्स, बीच गेम्स, खेल अवसंरचना, खेल प्रशिक्षण, खेल चिकित्सा और खेल पोषण – इन सभी क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। युवाओं के लिए, भले ही वे स्वयं एथलीट न बन पाएं, खेल से जुड़े सहयोग तंत्र में अवसरों का एक विशाल नया क्षेत्र खुल रहा है।”

प्रधानमंत्री ने रोजगार के मुद्दे पर आते हुए प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना की शुरुआत की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे आने वाले वर्षों में युवाओं को लाभ होगा: “आज, 15 अगस्त को, हम अपने देश के युवाओं के लिए 1 लाख करोड़ रुपये की योजना शुरू कर रहे हैं। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना आज, 15 अगस्त से लागू हो रही है… इस योजना के तहत, सरकार निजी क्षेत्र में नौकरी पाने वाले प्रत्येक बेटे या बेटी को 15,000 रुपये देगी। नए रोजगार के अवसर पैदा करने वाली कंपनियों को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना से लगभग 3.5 करोड़ युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।”

प्रधानमंत्री ने विश्व मंच पर भारत की बढ़ती खेल महत्वाकांक्षाओं का भी उल्‍लेख किया: “खेल जगत में भारत का प्रदर्शन लगातार बेहतर हो रहा है और हम 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए मजबूत दावेदार के रूप में आगे बढ़ रहे हैं। भारत 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी भी करेगा।”

उन्होंने बताया कि ओलंपिक खेलों में लगभग 40 खेल और 325-350 स्पर्धाएं होती हैं और भारत की भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया: “इन 325 स्पर्धाओं में से लगभग दो-तिहाई में भारत भाग भी नहीं लेता। हम नहीं होते हैं; हम क्वालीफाई नहीं करते हैं। हमने तय किया है कि हम 2036 के ओलंपिक खेलों का आयोजन भारत में करवाना चाहते हैं। भारत को इन क्षेत्रों में  ध्यान देना होगा। हम प्रतिभा खोज अभियान भी शुरू करना चाहते हैं।”

प्रधानमंत्री मोदी ने इस महत्वाकांक्षा को दीर्घकालिक प्रतिभा पहचान अभियान से जोड़ा: “यदि हमें 2036 तक एथलीटों की आवश्यकता है तो हमें आज ही 5, 10 या 15 वर्ष की आयु के इन युवा लड़कों और लड़कियों पर ध्यान देना होगा। हमें अपनी बेटियों पर भी ध्यान देना होगा। 5 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों में खेल प्रतिभा की पहचान करने के लिए देश भर के गांवों, शहरों और स्कूलों में प्रतिभा खोज अभियान चलाया जाएगा।”

उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से पहचाने गए बच्चों की क्षमताओं का आकलन किया जाएगा और उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे ऐसे एथलीट के रूप में विकसित हो सकें जो देश का प्रतिनिधित्व कर सके।

प्रधानमंत्री ने युवाओं में बढ़ते मादक पदार्थों के सेवन की समस्या का भी उल्‍लेख किया और एक संयुक्त राष्ट्रीय प्रतिक्रिया का आह्वान किया: “नशीली दवाओं का दुरुपयोग देश और उसके युवाओं के लिए एक गंभीर संकट बनता जा रहा है। नशा मुक्त भारत हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। हमारे उज्ज्वल भविष्य के लिए, हमारी युवा पीढ़ी को सशक्त होना चाहिए और देश की प्रगति के लिए युवाओं की शक्ति का उपयोग किया जाना चाहिए।”

प्रधानमंत्री ने भारत के विकास में युवाओं के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “यदि कोई एक शक्ति है तो वह मेरे देश के युवा हैं, देश की युवा शक्ति हैं। ‘विकसित भारत’ की राह में युवाओं की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है।”

उन्होंने आगे कहा, “इसलिए, हमें ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को युवाओं की आकांक्षाओं और भागीदारी से जोड़कर आगे बढ़ाना होगा। हमें युवाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ना होगा।”

प्रधानमंत्री ने भारत के उद्यमशीलता परिदृश्य के विस्तार का उल्‍लेख करते हुए कहा, “स्टार्टअप इंडिया पहल के तहत, देश भर में अब 2.5 लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप हैं।” उन्होंने सरकार के 1 लाख करोड़ रुपये के नवाचार कोष का उल्‍लेख करते हुए युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित किया और कहा, “अपने सपनों के साथ आगे आइए; हम यह सुनिश्चित करेंगे कि संसाधनों की कोई कमी न हो।”  

प्रधानमंत्री ने कोचिंग कक्षाओं के कारण परिवारों पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को स्वीकार करते हुए विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए नि:शुल्‍क ऑनलाइन कोचिंग प्रदान करने की एक नई पहल की घोषणा की: “कोचिंग कक्षाओं का दबाव हमारे मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक बड़ा बोझ बन गया है।” उन्होंने आगे कहा, “इसलिए, हमने विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए नि:शुल्‍क ऑनलाइन कोचिंग प्रदान करने का निर्णय लिया है।”

न्होंने इसे लागू करने के तरीके के बारे में बताते हुए कहा, “हमारे पास डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना है, हमारे पास उत्कृष्ट प्रतिभा है और हमारे पास शिक्षक हैं। इन संसाधनों को एक साथ लाकर, हम देश के युवाओं को नि:शुल्‍क कोचिंग प्रदान करने के लिए एक व्यापक नेटवर्क का निर्माण करने जा रहे हैं।”

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