पटना ,10 अक्टूबर 2026
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने विद्यार्थियों से कहा कि वे केवल रट कर परीक्षा पास करने के बजाय विषयों को समझ कर पढ़ें और नए विचारों के साथ आगे बढ़ें। ज्ञान, रचनात्मक सोच और नवाचार के माध्यम से ही वे अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं।

श्री जोशी शनिवार को बापू सभागार में समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में नवाचार और क्षेत्रीय भाषाओं में पढ़ाई को विशेष महत्व दिया गया है। इसका उद्देश्य बच्चों को उनकी स्थानीय भाषा में आसानी से समझने और सीखने का अवसर देना है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने नवाचार को बढ़ावा देने के लिए बजट में एक लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। उन्होंने एक स्टार्टअप कंपनी का उदाहरण देते हुए बताया कि ज्ञान और नए विचारों के बल पर किस तरह आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अपनी रचनात्मक क्षमता विकसित करने और नए प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया।

श्री जोशी ने ‘सेवा ही संकल्प’ मुहिम के तहत बिहार में आयोजित सेवा चित्र एवं भाषण प्रतियोगिता की सराहना की। उन्होंने इसे देश भर में चल रहे ऐसे कार्यक्रमों में सर्वश्रेष्ठ बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं बच्चों की प्रतिभा को सामने लाने और उनके विचारों को अभिव्यक्त करने का मौका देती हैं।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए श्री जोशी ने कहा कि वर्ष 2047 में भारत कैसा होगा, यह तय करने में आज के विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उस समय वे युवा होंगे और देश की जिम्मेदारी उनके कंधों पर होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत की अर्थव्यवस्था विश्व में सबसे तेज गति से बढ़ रही है। ऐसे में विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल और नए विचारों के साथ देश के विकास में योगदान देने के लिए तैयार रहना चाहिए।

कार्यक्रम में केंद्र सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की अपर सचिव अर्चना शर्मा अवस्थी ने भी अपने विचार रखे। मंच पर संयुक्त सचिव अमरप्रीत दुग्गल, पीएमश्री के निदेशक यूपी सिंह सहित शिक्षा विभाग के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे।
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